424>बहुत खूब बहुत खूब,---++1-
424>बहुत खूब बहुत खूब,
2 .||-बहुत खूब--|| -28/05/2017:::- ==================================
44>बहुत खूब बहुत खूब,
बहुत खूब बहुत खूब,
जमानके लिए हैं तो खूब। जिंदगी माने वा ना माने पर,
हमने तो मानलिया हैं खूब।
बहुत खूब बहुत खूब,
इयाद आनेसे ही खूब।
सच्चाई भी माने वा ना माने पर,
हमने तो मानलिया हैं खूब।
बहुत खूब बहुत खूब,
ख्वाब में आनेसे ही खूब।
हकीकत भी माने वा ना माने पर,
हमने तो मानलिया हैं खूब।
बहुत खूब बहुत खूब,
एकेला जिंदगी के लिए तो खूब।
परेशानियां आनहि हैं पर
हमने तो मानलिया हैं खूब।
बहुत खूब बहुत खूब,
भटकते हुए जिंदगी के लिऐ तो खूब।*
इयाद के थकान तो आनहि हैं पर*
हमने तो मानलिया हैं खूब।
हमने तो मानलिया हैं खूब,
दिन रात इयाद आती हैं खूब।
परेशानियां झेलना भी तो हीं पर
हमने तो मानलिया हैं खूब।
दिलसे कहूँ या प्यारसे*
सोचना तो परते हैं खूब।
आँशु भरते हैं टपकते नेहि पर*
हमने तो मानलिया हैं खूब।
था जब वक्त बहुत कुछ करने के
सोचा नेहि पूछा नेहि किसीसे खूब।*
अभी ढलती ओमरमे इयाद हैं खूब पर*
हमने तो मानलिया हैं खूब।
जयानि की जोसमे भूले थे सच*
वक्त की इसारा समझमे ने ही पाये खूब।*
आब बचाहि केतना इयाद के लिए, पर
हमने तो मानलिया हैं खूब।
नमस्ते करु या चरण छूं सच
मौका मिलनाही तो वक्त की खूब।
झुकना जोरुर हैं चाहत दिलमें पर
हमने तो मानलिया हैं खूब।
आज के लिये इतनाही खूब
सोना जोरूरी मानते हैं खूब।
रात खत्म होनेको बाकी हैं थोरा पर
हमने तो मानलिया हैं खूब।
||---anrc--18/04/2018::03:20:10: am--||
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2 .||-बहुत खूब--|| -28/05/2017:::-
पार किया 42शवा प्रेमिक जीबन, //
एहेन जुगल सफलता रहे चिरकाल, //
अनुप्रानित पथप्रोदर्शोक करे हमलोगोंके //
जीबन। //
मिले होंगे बहुतई शुभेच्छा //
दूर निकट शुभाकांखी से //
मुझे भी करलेनेमें शामिल //
भूलना नेही। //
केया बलु केया करू //
नेही तो मालूम। //
सर्फ़ दिलके चाहत //
अच्छे रहिये अच्छे चिंतन में //
करलीजिये मुझे सामिल। //
भूलिए नेही मुझे //
ए मेरा प्राथना, //
एकांत भाबना। //
अगर मिलजाए आपके //
चिंतन आकाश में //
थोरा सा स्थान। //
धन्य होंगे मेरा जीबन। //
||____=आद्यनाथ राय चौधुरी____||
||-©➽--ANRC-28/05/2017-----||
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